डोटासरा और जूली ने चलाये फावड़े- कुदाल,मजदूरों की समस्याएं जानी
श्रमदान से टूटती हैं भेदभाव की दीवारें, बढ़ती है श्रम की प्रतिष्ठा: टीकाराम जूली महात्मा गांधी के सर्वोदय की भावना यही है कि जब तक हम पसीना बहाने वाले आम इंसान के सुख-दुख के भागीदार नहीं बनेंगे, तब तक समाज का वास्तविक विकास संभव नहीं है अजमेर। पुष्कर में आयोजित कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रशिक्षण शिविर…